(N/A) परिभाषा: हवा में फेंकी गई कोई वस्तु,जो केवल गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में गति करती है,उसे प्रक्षेप्य कहा जाता है और इसकी गति को प्रक्षेप्य गति कहा जाता है।
व्युत्पत्ति:
मान लीजिए कि एक वस्तु को क्षैतिज के साथ $\theta_0$ कोण पर $v_0$ के प्रारंभिक वेग से प्रक्षेपित किया जाता है। प्रारंभिक वेग के घटक $v_{0x} = v_0 \cos \theta_0$ और $v_{0y} = v_0 \sin \theta_0$ हैं।
समय $t$ पर क्षैतिज स्थिति:
$x = (v_0 \cos \theta_0)t \implies t = \frac{x}{v_0 \cos \theta_0} \quad \dots(1)$
समय $t$ पर ऊर्ध्वाधर स्थिति:
$y = (v_0 \sin \theta_0)t - \frac{1}{2}gt^2 \quad \dots(2)$
समीकरण $(1)$ से $t$ का मान समीकरण $(2)$ में रखने पर:
$y = (v_0 \sin \theta_0) \left( \frac{x}{v_0 \cos \theta_0} \right) - \frac{1}{2}g \left( \frac{x}{v_0 \cos \theta_0} \right)^2$
सरल करने पर:
$y = x \tan \theta_0 - \frac{g}{2(v_0 \cos \theta_0)^2}x^2$
यह प्रक्षेप्य के पथ का समीकरण है।